"man does not live by bread alone" in Hindi
Definition
इस अभिव्यक्ति का अर्थ है कि इंसान को केवल बुनियादी भौतिक जरूरतें (जैसे खाना) नहीं, बल्कि प्यार, अर्थ या संस्कृति जैसी चीज़ों की भी ज़रूरत होती है, ताकि वह सच्ची खुशी और तृप्ति पा सके।
Usage Notes (Hindi)
यह एक औपचारिक और साहित्यिक कहावत है, जो ज़्यादातर दार्शनिक, धार्मिक या सांस्कृतिक संदर्भों में कही जाती है। यह जताती है कि जिंदगी में केवल भौतिक चीज़ें ही काफी नहीं होतीं। कभी-कभी मज़ाक में, और खाना या गैर-भौतिक ज़रूरतों की बात करते समय भी प्रयोग होती है।
Examples
My teacher said, "Man does not live by bread alone; we need art and music, too."
मेरे शिक्षिका ने कहा, "**इंसान केवल रोटी से नहीं जीता**; हमें भी कला और संगीत चाहिए।"
Man does not live by bread alone—people need family and friends, too.
**इंसान केवल रोटी से नहीं जीता**—लोगों को भी परिवार और दोस्तों की ज़रूरत होती है।
She reminded us that man does not live by bread alone when we were tired of studying.
उसने हमें याद दिलाया कि **इंसान केवल रोटी से नहीं जीता** जब हम पढ़ाई से थक गए थे।
Whenever Dad turns off the TV and suggests a walk, he says, "Man does not live by bread alone!"
जब भी पापा टीवी बंद करके टहलने का सुझाव देते हैं, वो कहते हैं, "**इंसान केवल रोटी से नहीं जीता**!"
After months of work, we realized man does not live by bread alone and took a vacation.
कई महीनों के काम के बाद हमें एहसास हुआ कि **इंसान केवल रोटी से नहीं जीता**, और हमने छुट्टी ले ली।
You can't just focus on your job—man does not live by bread alone.
आप सिर्फ अपने काम पर ही ध्यान नहीं दे सकते—**इंसान केवल रोटी से नहीं जीता**।