"grapes of wrath" en Hindi
Definición
यह वाक्यांश बढ़ते हुए गुस्से या प्रतिशोध का प्रतीक है, खासकर जब वह सामाजिक अन्याय से उत्पन्न होता है। यह जॉन स्टीनबेक के प्रसिद्ध उपन्यास का शीर्षक भी है जो महामंदी के दौरान पीड़ा के बारे में है।
Notas de Uso (Hindi)
यह अभिव्यक्ति साहित्यिक या प्रतीकात्मक है, रोजमर्रा की बातचीत में इसका कम उपयोग होता है। यह स्टीनबेक के उपन्यास और सामाजिक विरोध से घनिष्ठ रूप से जुड़ी है। यह अंगूर से शाब्दिक रूप में संबंधित नहीं है। कभी-कभी अन्याय के खिलाफ सामूहिक गुस्से के लिए इसे उद्धृत किया जाता है।
Ejemplos
The novel 'The Grapes of Wrath' tells the story of a family's struggle during the Great Depression.
उपन्यास 'क्रोध के **अंगूर**' महामंदी के दौरान एक परिवार के संघर्ष की कहानी बताता है।
Many people view the grapes of wrath as a symbol of anger against injustice.
कई लोग '**क्रोध के अंगूर**' को अन्याय के खिलाफ गुस्से के प्रतीक के रूप में देखते हैं।
He quoted the grapes of wrath to show his frustration with the system.
उसने व्यवस्था से अपनी निराशा जताने के लिए '**क्रोध के अंगूर**' का उद्धरण दिया।
When people talk about the grapes of wrath today, they usually mean a big, shared anger about something unfair.
आज जब लोग '**क्रोध के अंगूर**' की बात करते हैं, तो आमतौर पर वे किसी अन्याय के खिलाफ बड़ी साझा नाराजगी के बारे में बोलते हैं।
You can feel the grapes of wrath building in the community after that unfair law was passed.
उस अन्यायपूर्ण कानून के पास होने के बाद समुदाय में '**क्रोध के अंगूर**' की भावना बढ़ती महसूस हो रही है।
The phrase grapes of wrath sometimes gets used in protests to inspire unity and change.
विरोध प्रदर्शनों में एकता व परिवर्तन के लिए कभी-कभी '**क्रोध के अंगूर**' वाक्यांश का इस्तेमाल किया जाता है।